मोबाइल नंबर से ट्रैस कर बच्चे को होटल से किया बरामद, बच्ची की मां डॉग्स खरीदने-बेचने का काम करती है
पैसों के लिए एक व्यक्ति ने अपने साथी के साथ मिल डेयरी पर दूध लेने गए 11 साल के बच्चे का अपहरण कर लिया। इसकी सूचना मिलने पर पल्ला थाने की पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से अपहरणकर्ता की पहचान कर उसके घर पर रेड की तो वह नहीं मिला।
तीन दिन की लंबी जद्दोजहद के बाद बदमाश का मोबाइल नंबर लेकर उसे ट्रैस कर बच्चे को दिल्ली के एक होटल से बरामद कर लिया। इस घटना में शामिल दोनों बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि लॉकडाउन में काम धंधा बंद होने से शार्टकट तरीके से पैसा कमाने के लिए बच्चे को अगवा कर उसकी मां से फिरौती मांगने की उनकी योजना थी।

पकड़े गए बदमाशों की पहचान दिल्ली के कल्याणपुरी निवासी सोनू सिद्धार्थ सिंह और गाजीपुर निवासी अमन के रूप में हुई है। दोनों आपस में दोस्त हैं। ग्रेटर फरीदाबाद के सूर्या विहार फेज वन सेक्टर-91 सेहतपुर निवासी पूनम चौहान ने पुलिस को बताया कि उनका 11 साल का बेटा पृथ्वी चौहान 13 अक्टूबर की शाम करीब 6.30 बजे घर से कुछ दूर स्थित डेयरी पर साइकिल से दूध लेने गया था।
जब वह दूध लेकर लौट रहा था तो रास्ते में उसे सोनू उर्फ सिद्धार्थ स्कूटी से मिला। उसने पृथ्वी को बहला फुसलाकर अपने साथ स्कूटी पर कुछ दूर ले गया। फिर अपने दोस्त अमन के साथ मिल उसकी साइकिल जंगल में फेंक उसे अगवा कर ले गए।
उसे दिल्ली ले जाकर एक होटल में रखा। अपहरणकर्ताओं ने बच्चे से स्कूटी खराब होने का बहाना बनाया था और कहा था कि उसे आगे बनवाकर घर चलेंगे। पूनम चौहान ने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने उनके बेटे को तीन रात अलग-अलग इलाके के होटलों में ठहराया था।
सीसीटीवी कैमरे से हुई अपहरणकर्ता की पहचान
बच्चे के अपहरण के बाद थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सतीश कुमार ने टीम बनाकर उसकी तलाश शुरू की। पुलिस ने मौके पर जाकर पीड़िता के घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो पूनम ने आरोपी सोनू को पहचान लिया। क्योंकि बच्चा उसके साथ जाता हुआ दिखाई दे रहा था। महिला ने बताया इसे वह 3 साल से जानती है।
महिला ने आरोपी सोनू का मोबाइल नंबर पुलिस को दिया। जिसकी लोकेशन कल्याणपुरी, दिल्ली की मिली। पुलिस ने जब आरोपी का पता निकलवाकर उसके घर पर रेड डाली तो मालूम चला कि वह तीन दिन से घर नहीं आया है। उसके घर वालों ने पुलिस को उसके दोस्त का नंबर दिया। कई दोस्तों से बातचीत करने के बाद सोनू उर्फ सिद्धार्थ पकड़ में आ पाया।
मेन आरोपी तीन साल से बच्चे को जानता था
डीसीपी मुकेश मल्होत्रा ने बताया कि मुख्य आरोपी सोनू उर्फ सिद्धार्थ डॉग्स को ट्रेनिंग देने का काम करता है। जबकि बच्चे की मां पूनम चौहान डॉग्स खरीदने-बेचने का व्यापार करती है। इसलिए सोनू का पूनम के घर डॉग्स को लेकर आना-जाना था। इसी कारण बेटा पृथ्वी उसे पहचानता था और उसे भैया कहता था।
आरोपी ने इस विश्वास का फायदा उठाते हुए पृथ्वी को अगवाकर फिरौती मांगने की योजना बनाई। वहीं पूछताछ में आरोपी सोनू ने बताया कि उसे पता था कि पूनम मैडम के पास पैसे बहुत हैं। इसलिए उनके बेटे पृथ्वी का अपहरण कर एक-दो दिन में 50 हजार से एक लाख रुपए तक की फिरौती मांगने की योजना थी।
