फरीदाबाद : नगर निगम अपनी आर्थिक स्थिति सुधार के लिए बकायेदारों पर शिकंजा कस रहा है। निगम आयुक्त यशपाल यादव के आदेश पर कुल 200 इकाइयां ऐसी चिन्हित की गई हैं, जिन पर 50 या 50 हजार से अधिक की राशि बकाया थी। यह राशि 13.58 करोड़ रुपये बनती है। मंगलवार से इन पर कार्रवाई भी शुरू हो गई। दिनभर में नगर निगम के तीन जोन में 152 इकाईयों को सील कर दिया गया, इधर निगम की कार्रवाई शुरू होने पर अन्य बकायादारों में हलचल मच गई। ऐसी 25 इकाईयों के संचालकों ने अपना बकाया कार्रवाई करने पहुंची निगम टीम को मौके पर ही जमा कर दिया। इस तरह पहले दिन निगम टीम को बकाया 41.25 लाख रुपये के राजस्व मिला।

किस जोन में कितनी सीलिग की कार्रवाई में एनआइटी जोन प्रथम की 14 यूनिट, द्वितीय जोन की 41, तृतीय जोन की 9, ओल्ड प्रथम जोन की 36, ओल्ड जोन द्वितीय की 16, बल्लभगढ़ जोन प्रथम की 28 तथा बल्लभगढ़ जोन द्वितीय की 8 यूनिटों को को सील किया गया। 9300 हैं बकायेदार निगम रिकार्ड के अनुसार लगभग 9300 ऐसे बकायेदार हैं जिन पर संपत्ति कर का 50-50 हजार रुपये या इससे अधिक की राशि बकाया है। इसकी वसूली के लिए निगम द्वारा प्रथम कार्रवाई में 200 डिफाल्टर्स को नोटिस भेजकर आगाह किया गया था कि वे अपना बकाया संपत्ति कर शीघ्र जमा कर दें, अन्यथा हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 के प्रावधानों के तहत उनकी संपत्ति को सील करने के साथ-साथ अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बकायेदारों ने इन नोटिस की परवाह नहीं की। इसलिए अब सीलिग की कार्रवाई शुरू की गई है। अब सात जोन में यह कार्रवाई शुरू हो गई है और लगातार जारी रहेगी। सरकार के निर्देश पर वर्ष 2010-11 से 2018-19 तक की संपत्ति कर की राशि 31 मार्च 2021 तक एक मुश्त जमा करने वाले करदाताओं का संपूर्ण ब्याज माफ किया जा रहा है। इसके अलावा वर्ष 2019-20 के संपत्ति कर की राशि जमा करने पर 10 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है। करदाताओं से अपील की है कि वे सरकार की इस योजना का भरपूर लाभ उठाएं जिससे कि उन्हें नगर निगम प्रशासन की कार्रवाई का सामना न करना पड़े।
