
चंडीगढ़। हरियाणा की बीजेपी सरकार के 9 साल के कार्यकाल में सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। अक्टूबर 2014 में सत्ता में आते ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने का फैसला किया था, जिससे प्रदेश के दामन पर लगे पर्ची-खर्ची के दाग को मिटाकर व्यवस्था में मैरिट के आधार पर नौकरियां मिलने का विश्वास बहाल किया जा सके।
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ग्रुप सी और डी की भर्तियों में खत्म किया साक्षात्कार
भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए ही सरकार ने ग्रुप ‘सी’ और ‘डी’ की भर्तियों में साक्षात्कार प्रक्रिया समाप्त की है। बेरोजगार युवाओं को नौकरी के लिए बार-बार आवेदन करने और फीस भरने की जरूरत नहीं है। बार-बार पात्रता परीक्षा से राहत दिलाने के लिए कामन पात्रता परीक्षा का भी सरकार ने प्रविधान किया है। प्रदेश सरकार ने रेवाड़ी, करनाल, हिसार और पंचकूला में विद्यार्थियों के लिए विशेष कोचिंग की व्यवस्था की है, जिसे प्राप्त कर 287 विद्यार्थियों ने जेईई एडवांस तथा एनईईटी और आइआइटी एडवांस की प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण की है। सुपर-100 की तर्ज पर सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए सुपर-एनडीए कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसमें प्रति वर्ष 100 विद्यार्थियों को एनडीए और एसएसबी परीक्षा की तैयारी कराई जा रही है।
NEWS SOURCE : jagran
