
पाकिस्तान में आम चुनाव के बाद भी अब तक सरकार नहीं बन पाई है। सेना की पसंदीदा पीएमएल-एन को सरकार बनाने लायक बहुमत नहीं मिल पाया। वहीं इमरान खान के प्रत्याशियों ने इस बार निर्दलीय कैंडिडेट के तौर पर चुनाव लड़ा था। इमरान खान का ग्रुप ही सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरा है। इसके अलावा चुनाव में धांधली के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। इसी बीच इमरान खान के एक सहयोगी ने गठबंधन का ऐलान करते हुए सरकार बनाने का दावा पेश किया है। दरअसल पार्टी का नाम और निशान छिनने के बाद सबसे बड़ा संकट था कि आखिर किस नाम से इमरान खान के समर्थक सरकार बनाने का दावा पेश करें। अब इमरान के करीबियों का कहना है कि उनके जीते हुए निर्दलीय उम्मीदवार सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल में शामिल होंगे और फिर वे सरकार बनाने का दावा पेश कर देंगे।
इमरान खान के एक राजनीतिक सहयोगी ने ऐलान किया है कि पीटीआई सुन्नी इत्तेहादुल काउंसिल के साथ गठबंधन करने जा रही है। बता दें कि यह एक रजिस्टर्ड राजनीतिक दल है जिसके केवल चेयरमैन ही चुनाव जीत सके हैं। पीटीआई के अध्यक्ष गौहर अली खान ने कहा, हम लोग इस बात पर सहमत हुए हैं कि हमारे सभी जीते हुए निर्दलीय उम्मीदवार सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल में शामिल होंगे। जानकारी के मुताबिक पीटीआई के जीते हुए प्रत्याशियों ने सीआईसी में शामिल होने के लिए चुनाव आयोग के पास अपना प्रार्थना पत्र भी भेज दिया है। अगर चुनाव आयोग इसकी मंजूरी दे देता है तो पीटीआई केंद्र और प्रांत दोनों जगह सरकार बनाने की स्थिति में आ सकती है।
बता दें कि पाकिस्तान मे हुए चुनाव में धांधली के आरोप लगे हैं। यहां तक कि एक अधिकारी ने यह स्वीकार करते हुए इस्तीफा भी दे दिया। रावलपिंडी के कमिश्नर ने कहा था कि उनकी देखरेख में ही चुनाव में गड़बड़ी करवाई गई। उन्होंने इसकी जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया। कमिश्नर लियाकत अली चाथा ने कहा था कि 13 सीटों के परिणाम उनसे बदलवाए गए थे। पाकिस्तान में इमरान खान समर्थक चुनावी धांधली के खिलाफ सड़कों पर भी उतर चुके हैं। पेशावर में विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने पीटीआई नेता सलमान अकरम रजा को हिरासत में ले लिया।
NEWS SOURCE : livehindustan
