
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा है कि यदि वह देवता हैं तो उन्हें राजनीति में शामिल नहीं होना चाहिए। इसकी बजाय उन्हें मंदिर में होना चाहिए। ममता बोलीं, ‘किसी ने कहा कि जगन्नाथ देव श्री मोदी के भक्त हैं और कोई कहता है कि वह देवताओं के राजा हैं।’ ऐसी स्थिति है तो फिर उन्हें राजनीति में नहीं रहना चाहिए। ममता बनर्जी ने एक रैली में कहा कि नरेंद्र मोदी गुजरात के निरंकुश मुख्यमंत्री थे और वहां दंगे करा दिए थे। यही नहीं ममता ने प्रधानमंत्री के इस बयान को ‘झूठ’ बताया कि वह दिल्ली से चक्रवात रेमल की निगरानी कर रहे थे।
बनर्जी ने आरोप लगाया कि अगर श्री मोदी सत्ता में लौटे तो ‘धर्म और विचार की स्वतंत्रता नहीं रहेगी।’ उन्होंने एक जनसभा में कहा, ‘मोदी इतने निरंकुश हैं कि अगर दोबारा चुने गए तो वह कोई चुनाव नहीं होने देंगे। धर्म और विचार की कोई स्वतंत्रता नहीं होगी।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कई प्रधानमंत्रियों के साथ काम किया है, लेकिन मोदी जैसा कोई नहीं देखा। उन्होंने कहा ‘देश को ऐसे प्रधानमंत्री की जरूरत नहीं है और उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।’ वह कुछ ही दिनों में पूर्व प्रधानमंत्री बन जाएंगे। ममता बनर्जी ने कहा कि एनडीए की सरकार अब जा रही है।
उन्होंने कहा कि अब हर कोई कह रहा है कि देश में राजनीतिक हवा की दिशा बदल रही है। उन्होंने यह दावा करने के लिए मोदी पर निशाना साधा कि वह दिल्ली से चक्रवात रेमल की निगरानी कर रहे थे। टीएमसी अध्यक्ष ने कहा ‘क्या एक पीएम को इतना झूठ बोलना शोभा देता है, झूठ बोलना किसी का भी संवैधानिक अधिकार नहीं है। मैं उनसे आग्रह करती हूं कि उन्होंने जो कहा उस पर दोबारा विचार करें।’
चक्रवात में NDRF के जुटने पर बोलीं- खर्च राज्य उठाता है
बनर्जी ने प्रधानमंत्री द्वारा चक्रवात के बाद केंद्र सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की तारीफ पर भी सवाल उठाया। बनर्जी ने कहा कि राज्य सरकार ही एनडीआरएफ का खर्च वहन करती है। उन्होंने 2002 के गुजरात दंगों का जिक्र करते हुए कहा, ‘गुजरात का मुख्यमंत्री बनने के बाद श्री मोदी ने दंगे कराए। देश के प्रधानमंत्री बनने से पहले वह देश को नहीं जानते थे।’
NEWS SOURCE : livehindustan
