फरीदाबाद : कोरोना संक्रमण के चलते लगाए गए लाकडाउन के दौरान प्रदेश भर में अवैध कालोनियों में हुईं रजिस्ट्रियां चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए और सीएम फ्लाइंग ने जांच भी शुरू कर दी है। सोमवार को सीएम फ्लाइंग के दो-दो अधिकारी जिले की तीन तहसील (फरीदाबाद, बड़खल और बल्लभगढ़) में पहुंचे। अधिकारियों ने तहसीलों में 22 मार्च से अब तक हुई रजिस्ट्रियों का रिकार्ड लेने के लिए संबंधित तहसीलदारों को नोटिस दिया। रिकार्ड की जांच के बाद ही पता चलेगा कि रजिस्ट्रियों में अनियमितताएं हुई या नहीं।
सीएम फ्लाइंग का नाम सुनकर तहसीलों में हड़कंप मच गया। सीएम फ्लाइंग के डीएसपी देवेंद्र सिंह ने इसे रुटीन प्रक्रिया बताया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई सीएम फ्लाइंग लगातार करती रहती है। हालांकि जिला उपायुक्त यशपाल ने दावा किया कि लाकडाउन के दौरान हमारे यहां अवैध कालोनियों में एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई है। क्या है पूरा मामला
हाल ही में नगर योजनाकार विभाग के निदेशक केएम पांडुरंग के पास शिकायत पहुंची थी कि लाकडाउन के दौरान अवैध कालोनियों में प्लाटों की रजिस्ट्रियां कर दी गईं। इसके बाद प्रदेश के सभी जिलों में लाकडाउन के दौरान हुई रजिस्ट्रियों की जांच शुरू हो गई। नगर योजनाकार विभाग अपने स्तर पर जांच करा रहा है। सीएम फ्लाइंग ने भी इसकी जांच शुरू कर दी है। जिले में 22 मार्च से 22 जुलाई तक 5951 रजिस्ट्रियां हुई हैं। इनमे सबसे अधिक रजिस्ट्रियां फरीदाबाद तहसील में 1725 शामिल हैं। इसके अलावा तिगांव उपतहसील में 323, बल्लभगढ़ तहसील में 1486, दयालपुर उपतहसील में 236, मोहना उपतहसील में 184, बड़खल तहसील में 1286, गौंछी उपतहसील में 570 और धौज उपतहसील में 141 रजिस्ट्रियां हुई हैं। इनमें से कितनी रजिस्ट्रियां नियमों को ताख पर रखकर हुई, सीएम फ्लाइंग इसकी जांच करेगी। पता चल रहा है कि फर्जीवाड़े से हुई रजिस्ट्रियों को रद किया जा सकता है। यदि ऐसा हुआ तो जिले में ऐसे लोगों को सीधा नुकसान होगा जो ऐसी रजिस्ट्रियां करा चुके हैं। ऐसे लोगों दिल की धड़कनें तेज हो गई हैं। तोड़फोड़ खूब, लेकिन रजिस्ट्रियां नहीं रुक रही
अवैध कालोनियों में प्लाटिग के खिलाफ जिला नगर योजनाकार (एंफोर्समेंट) द्वारा महीने में कई बार तोड़फोड़ की जा रही है। यहां तक कि विभाग द्वारा अवैध कालोनियों को विकसित होने से रोकने के लिए हर कालोनी में जागरूकता वाले बोर्ड लगा दिए गए हैं। कालोनी काटने वालों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं, लेकिन तहसीलों में आसानी से रजिस्ट्री होने से अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही है।
