
सरकार ने प्रदेश भर में 18 करोड़ 99 लाख 91 हजार एक सौ सत्रह रुपये की राशि का बजट लीव ट्रैवल कंसेशन (एलटीसी) के लिए जारी किया है, लेकिन आनलाइन अप्लाई करना टीचर्स व स्टाफ के लिए परेशानी बन गया है। अंबाला के हिस्से जहां साल 2016-19 ब्लॉक के लिए एक करोड़ दस लाख 30 हजार 841 रुपये जारी किए गए हैं, वहीं विभाग ने 2.60 करोड़ रुपये की राशि की डिमांड और कर दी है। लेकिन पेच यह है कि आनलाइन अप्लाई करने के लिए साइट पर आप्शन ही नहीं मिल रहा है। ऐसे में एक बार फिर से यह स्थिति पैदा हो गई है कि आखिर कैसे इसके लिए अप्लाई किया जाए।
तीन साल में एक बार जारी होती है एलटीसी-
सरकार द्वारा तीन साल में एक बार एलटीसी जारी किया जाता है। यह एलटीसी कर्मचारी की बेसिक व डीए पर आधारित होता है। इसी को लेकर सरकार बजट जारी करती है और जिला स्तर पर यह राशि टीचर्स व स्टाफ के खाते में जमा की जाती है। ब्लाक ईयर 2016-19 के लिए एक करोड़ दस लाख 30 हजार 841 रुपये जारी तो कर दिए हैं, लेकिन यह तकनीकी पेच में फंस गए हैं। हर स्कूल को एक कोड दिया गया है, तो वह आनलाइन ही अपने स्टाफ का एलटीसी आवेदन करता है।
ऑनलाइन आवेदन का ऑपशन नहीं-
आवेदन करते हुए लीव इनकैशमेंट, चिल्ड्रन एजुकेश अलाउंस और होस्टल सबसिडी (फार सेंटर गवर्नमेंट इंप्लाइज आनली) के तीन आप्शन ही आ रहे हैं। लेकिन एलटीसी अप्लाई करने के लिए कोई आप्शन नहीं आ रहा है। इसी को लेकर टीचर्स व अन्य कर्मचारी परेशान है कि बजट जारी होने के बाद एलटीसी के लिए आवेदन कैसे करें।माना जा रहा है कि यह तकनीकी समस्या है और इसे विभाग को ठीक करने के लिए समय लग सकता है। ऐसे में अब इंतजार के अलावा कोई चारा नहीं है। इस बारे में राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रधान अमित छाबड़ा ने बताया कि यह स्थिति काफी परेशानी पैदा करने वाली है। एक ओर एलटीसी का इंतजार कर रहे थे, जबकि अब बजट जारी हो गया है, तो आनलाइन अप्लाई करने के लिए आप्शन ही गायब हो गया है।
सरकार के इस फैसले से आपको होगा सीधा फायदा रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी!
Source News: chopaltv
